विजयादशमी पर आ रहे राफेल जेट की खूबियाँ जानकार उड़ गए है पाकिस्तान सेना के होश

राफेल जेट:

राफेल डील का नाम सुनकर पाकिस्तानियों का होश ठिकाने आ गया हैं। भारत सरकार द्वारा जम्मू और कश्मीर राज्य से धारा 370 हटाने के बाद से बिलबिलाया पकिस्तान पूरी दुनिया में चौतरफा कूटनीतिक हार को अभी झेल भी नहीं पाया था की विजयादशमी पर भारत सरकार ने राफेल को भारत ला कर के पकिस्तान के जले पर नमक छिड़कने का काम किया हैं। साथ ही पकिस्तान को यह हिदायत दी की यदि वो भारत में आतंकी गतिविधियों को बंद नहीं करेगा, घुसपैठ की कोशिश को बंद नहीं करेगा, सीजफायर उलंघन बंद नहीं करेगा तो भारत आतंक का पर्याय बन चुके पकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब देगा। 

first rafale jet
Rafale

डजॉल्ट राफेल या राफेल जेट एक फ्रेंच डबल इंजन वाला मल्टीरोल डजॉल्ट एविएशन द्वारा निर्मित लड़ाकू विमान हैं जो विभिन्न प्रकार के घातक मिसाइलों तथा हथियारों से सुसज्जित हैं। राफेल डील करके भारत ने अपनी शक्ति में दो गुना का इजाफा किया हैं। नए युग के इस राफेल फाइटर जेट का मुकाबला करने वाला दूसरा फाइटर जेट पकिस्तान को तो छोड़िये पूरी दुनिया में गिने चुने देशो के पास ही हैं और पुरे एशिया महाद्वीप में किसी के पास भी नहीं हैं।  

पेरिस से रक्षा मंत्री ने दशहरा के अवसर पर शस्त्र पूजन कर पहला राफेल जेट लाए:

मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने राक्षस राज रावण का वध दशहरा के दिन ही किया था इस दिन को भारत में विजय दिवस के रूप में मनाया जाता हैं। इस दिन  शस्त्र पूजन की भी सनातन परम्परा रही हैं। इसी परंपरा को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पेरिस में भी आगे बढ़ाया और वहाँ भी हमेशा की तरह दशहरा या विजयादशमी के मौके पर पुरे विधिविधान से शस्त्र पूजन किया और 59,000 करोड़ रुपया का राफेल डील कर राफेल फाइटर जेट को खरीद कर भारत लाए साथ ही वह के एयरबेस पर शस्त्र पूजा के बाद राजनाथ सिंह डबल सिटर वाली राफेल जेट में उड़ान भी भरेंगे। इसके लिए फ्रांस के एयरबेस पर खासा इंतजाम भी किया गया हैं।   


लगभग पाँच दशकों से भारतीय थलसेना, वायुसेना और नौसेना को विभिन्न दूरियों की मिसाइलों की आपूर्ति करने वाली यूरोपीय मिसाइल निर्माता एमबीडीएम ने यह एलान किया हैं की भारत देश के लिए विशेष तौर पर तैयार किये गए अत्याधुनिक 36 राफेल जेट मिटियोर और स्काल्प मिसाइलों से लैश होंगे। इन मिसाइलों की घातक मारक क्षमता से वायुक्षेत्र में भारतीय वायुसेना का दबदबा बहुत बढ़ जाएगा। 

मोटियार और स्काल्प मिसाइलों से लैश होंगे राफेल जेट 

एमबीडीएम के भारत में प्रमुख लुइस पेदेवीच ने बताया की उनकी कंपनी की बनाई मोटियार मिसाइल लक्ष्य को लेंस में बिना देखे ही भेद सकने में सफल हैं। हवा से हवा में मार करने वाली मोटियार मिसाइल और लम्बी दुरी तक मारक क्षमता वाले स्काल्प मिसाइल सभी 36 राफेल फाइटर जेट में लगे होंगे। ये दोनों मिसाइल भारतीय सेना के लिए वरदान सिद्ध होंगी भारत को चौतरफा अपनी सुरक्षा करने के क्षमता में बहुत ही इजाफा होगा। भारतीय वायुसेना को लम्बे समय से ऐसे घातक फाइटर जेट और ऐसे विध्वंसक मिसाइलो की अति आवश्यकता थी। भारत सरकार ने रफाले डील तीन साल पहले फ्रांस की प्रमुख युद्धक विमान कंपनी दासौल्ट एविएशन से किया था।  जिसके अंतर्गत 59000 करोड़  लगत से अत्याधुनिक 36 राफेल जेट एडवांस मिसाइलों से सुसज्जित भारत को फ्रांस द्वारा दिया जाना तय हुआ था और दशहरा 2019 के शुभ अवसर पर पहला राफेल जेट भारत को मिला।   

लेंस में देखे बिना लक्ष्य को भेदेगा राफेल जेट 

सभी राफेल में ऐसी तकनीक की मिसाइलों से लैश से है जो लक्ष्य को लेंस में देखे बिना भेद देने में सक्षम हैं। ऐसी मिसाइलें सिर्फ कुछ यूरोपीय देशो को छोड़ कर  के पास हैं। सटीक निशाना लगाने वाले घातक मोटियार मिसाइलों के अलावा राफेल लम्बी दुरी तक बड़ा हमला करने वाले स्काल्प मिसाइलों से भी लैश हैं। जो दुश्मन के पालक झपकते ही सर्वनाश  परिपूर्ण हैं।  मोटियार मिसाइल बीवीआर की अगली पीढ़ी की मिसाइल है जिसे  बीवीआरएएएम भी कहा जाता हैं।यह मिसाइल हर मौसम में किसी भी तरह के लक्ष्य को मार गिरा सकता हैं। यह मिसाइल एडवांस सक्रीय  निर्देशित हैं। यह हवा में  उड़ रहे विमानों को या क्रूज  मिसाइलों को हवा में मारने में एक दम सटीक हैं। 


वही स्काल्प मिसाईल हवा से मार करने वाली लम्बी दुरी की मिसाइल हैं। यह मिसाइल लगभग 300 किलोमीटर की दुरी तक मार करने में सक्षम हैं। जमीन पर स्थित किसी भी बड़े ठिकाने को पल भर में तबाह करने की क्षमता इस स्काल्प मिसाइल में हैं। पहले से निर्धारित बड़े ठिकानो को पूरी तरह तबाह करने में यह मिसाइल सर्वोपरि हैं। वर्तमान वायु प्रमुख राकेश कुमार सिंह ने इसकी खुबिया गिनाई हैं और इसकी जरुरत को बहुत ही अहम् बताया हैं। 


राफेल डील: भारत को मिलने वाला राफेल जेट होगा सबसे अलग :-

भले ही रफले विमान और स्काल्प मिसाइल ब्रिटेन और फ्राँस के वायुसेना द्वारा पहले से ही उपयोग में ले जा रही हो लेकिन भारत को मिलने वाले राफेल जेट पूरी तरह भारत की जरूरतों को ध्यान में रख कर नए तरीके से नए तकनीक का सहारा ले कर बनाया गया हैं। भारत को 36(28 सिंगल सीट और 8 डबल सीट)राफेल विमान देने के बाद दुबारा कभी भी ऐसा राफेल ना ही बनाया जाएगा ना ही किसी भी देश को बेचा जायेगा भारत सरकार और फ्राँस सर्कार के बिच हुवे समझौतों में यह एक अहम् समझौता हैं। 

इस राफेल डील के तहत राफेल में इज़राइली हेलमेट के उभार वाले डिस्प्ले, कई राडार वार्निंग रिसीवर, कई लो बैंड जैमर, दस घंटे तक की फ्लाइट डाटा रिकॉर्डिंग, अप्रत्यक्ष आवाज इनपुट, ऑप्टोनिक सेक्टीयर फ्रंटल इंफ़्रा-रेड सर्च एंड ट्रैक(आईआरएसटी) सेंसर और ट्रैकिंग सिस्टम भी शामिल हैं। 

2022 तक मिल जाएँगे सभी राफेल जेट :-

भारत ने करीब 59 हजार करोड़ रुपये की लागत से फ्रांस से सितम्बर 2016 में 36(28 सिंगल सिटर 8 डबल सिटर) राफेल जेट खरीदने का समझौता किया था। पहला राफेल 2019 में दशहरा के दिन भारत में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा फ्रांस से लाया गया। भारत-फ्राँस समझौते के तहत सभी 36 राफेल जेट्स 2022 तक भारत को पूर्ति कर दिए जाएँगे। भारत देश के जरूरतों को ध्यान में रखते हुवे अनेक तकनिकी विकास की वजह से साथ ही राफेल जेट को सबसे आधुनिकतम बनाने में 2022 तक समय लग सकता हैं।  


राफेल एयरप्लेन की खुबियाँ 

  • राफेल एयरप्लेन एक मिनट में 60 हजार फुट की उचाई तक उड़ सकता हैं साथ ही ईंधन क्षमता 17 हजार किलोग्राम हैं।                                                                                                                        
  • राफेल जेट मोटियार और स्काल्प जैसे अत्याधुनिक मिसाइलों से लैश हैं जो की लेंस में बिना देखे अचूक निशाना लगाने में सक्षम हैं।                                                                                                                                                                                                                                                                            
  • स्काल्प मिसाइल लम्बी दुरी तक बड़े ठिकानो को तबाह करने के लिए इसमें लगाया गया हैं। यह मिसाइल हवा से जमीन पर 600 किलोमीटर की दुरी तक मार सकता हैं वही हवा से हवा में यह 300 किलोमीटर की दुरी किसी भी बड़े ठिकाने या तेज गति से उड़ रहे क्रूज मिसाइलों को भी तबाह करने क्षमता रखता हैं।                                                                                                                                                                
  •  राफेल एयरप्लेन की मारक क्षमता 3700 किलोमीटर तक हैं इसके रेंज में आने वाले पुरे पकिस्तान तथा आधे चीन में यह जेट तबाही मचाने में सक्षम हैं।                                                                                                                                       
  • राफेल जेट 24 हजार किलो वजन ले जाने में सक्षम हैं तथा 60 घंटे की अतिरिक्त उड़ान भी भर सकता हैं।                                                                                                                     
  • यह जेट बिजली की भाति तेज हैं तथा इसकी रफ़्तार 2223 किलोमीटर प्रति घंटा हैं। इस रफ़्तार से राफेल पुरे पकिस्तान का एक घंटे   लगा सकता हैं और दो बार से ज्यादा तबाही मचा सकता हैं।  

राफेल विमान के आने से पकिस्तान में सरगर्मी बढ़ गई हैं। दो वक़्त की रोटी के लिए तरस रहा पकिस्तान भारत जैसे समृद्ध शाली देश को कैसे परेशान कर रहा हैं यह सोचने वाली बात हैं। भारत के वायुसेना का कहना हैं की यदि उन्हें खुली छूट दी जाए तो पुरे आधे घंटे के अंदर ही पुरे पकिस्तान को  गुलाम बनाने  में सक्षम हैं।  लेकिन विनाश काले विपरीत बुद्धि के रास्ते पर चल रहा पकिस्तान भारत से बैर करके अपनी बरबादी लिख रहा हैं और यह बरबादी राफेल से कही न लिखी जाए इस बात से पूरा पकिस्तान डरा हुआ हैं लेकिन अपनी आतंवादी गतिविधियाँ नहीं छोड़ रहा हैं। यदि पकिस्तान नहीं सुधरा तो निश्चय ही राफेल उसके बरबादी का इतिहास लिखेंगे। 


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