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Moral Stories In Hindi: शिक्षाप्रद प्रेरक कहानियाँ हिंदी में।

  Moral Stories In Hindi    प्रेरक कहानियाँ हिंदी मे  हमारे अंतर्मन पर बहुत गहरा प्रभाव डालती हैं अच्छे संस्कार के साथ-साथ हमें शिक्षित भी ...

Wednesday, April 29, 2020

Love Poem, Best Poem on Love In Hindi प्यारी हिंदी कविता

Love Poem, एक दम ब्रांड न्यू  Poem On Love In Hindi लेकर हम अपने प्यारे प्रेमीयों के लिए लेकर उपस्थित हैं। इस पुरे सृष्टि में यदि सबसे अनमोल कोई चीज हैं तो वह चीज नहीं सिर्फ प्रेम की भावना हैं. हम सभी को प्रेम माँगने से पहले पूरी ईमानदारी से सिर्फ प्रेम सबको देना चाहिए। तो चलिए शुरू करते हैं। 

दिल लगी के शिकार हो या आपका प्रेम परवान चढ़ रहा है या फिर दिल के टूटने का मामला हो शब्द ही साथ देते हैं। प्रेम कहानी कभी शायरी के रूप में तो कभी Love Poem, Poem on Love In Hindi के रूप में बयान हो ही जाता हैं.


Love Poem In Hindi: प्रेम पर कुछ बेहतरीन हिंदी कविता।
Love Poem In Hindi: प्रेम पर कुछ बेहतरीन हिंदी कविता।

Love Poem In Hindi

हुआ था हमे भी प्यार कई बार
लेकिन एक बार में एक से ही हुआ था इकरार
दिल तभी खोजा दूजा, जब मिला था प्यार में इंकार

जोड़ना था दिल हमे हर बार, लेकिन ये टूट ही जाता बार-बार
कभी उम्र ने इज़ाज़त नहीं दी तो कभी मजबूरियों ने मारा था
कसम उस खुदा की हरबार पूरी शिद्धत से हमने मोहब्बत निभाया था

हुआ था हमे भी प्यार कई बार;
कभी प्यार को हम समझ नहीं पाए
कभी प्यार ने हमे खुद ही खूब समझाया था;

चलती रही खेल यूँ ही मेरे और प्यार के बिच
कभी मै तो कभी प्यार ने मन बहलाया था 
लेकिन दिल था मेरा जो अधूरा रहा हर बार

हुआ था हमे भी प्यार कई बार
चाहा उसको जो कभी मिल ही न पाया
जो मिला, उसको संभाल नहीं पाया

चलता रहा खेल यूँ ही मेरे और प्यार के बिच
कभी मै तो कभी प्यार ने मन बहलाया था
लेकिन दिल मेरा हमेशा प्यार को तरसता रहा

थी क्या कमी मुझमे जो दिल को कभी भी मैं जोड़ न पाया था 
ईमानदार था कई बार फिर भी प्यार में धोखा ही खाया था
Love Poem In Hindi 

शायद मेरी गलती की सजा मिली दिल लगी का जुर्म हमने जो किया था.
दिल तो गवाया ही था जान भी गवाने का मौक़ा आया था.
Love Poem In Hindi

हुआ था हमे भी प्यार कई बार
कभी हद से ज्यादा पाया तो कभी प्यार ने सिर्फ ललचाया था.

Love Poem In Hindi
Love Poem In Hindi


Poem On Love In Hindi हिंदी कविता

रूठना तो हमे भी आता हैं
लेकिन मनाने कहा कोई आता हैं

घुटते रहे दर्द को पीते रहे खुद ही 
फिर भी खुशियाँ सबमे बार-बार बांटता हैं
अकेले में खुद ही आशु बहाता हैं

रूठने का फायदा ही क्या
जो दिल की कही वो नहीं कोई सुन पाता हैं

रूठे धरती का प्यास बुझा बादल उसे मनाता है.
तितली और भवरो को मनाने फूल हर रोज खिल खिलाते हैं
नदियों की जिद पूरी करने के लिए पहाड़ भी रास्ता बनाता हैं

एक हम है जिसे मनाने कहा कोई आता हैं...
फूल न हो तो भवरो का क्या काम
बिन बरसात मयूरी भी हो जाती उदास
कैसा सावन जिसमे ना हो बरसात

रूठे ही क्यों जब कोई मनाने नहीं आता हैं 
लाख दर्द के बिच भी मुस्कुराना सीखा हमने
फिर कभी इश्क़ नहीं करने का कसम खाया हमने

रूठना  हमे भी आता हैं
लेकिन मनाने कहा कोई आता हैं

काश होता कोई राहो में साथ निभाता
रूठने से पहले ही हमे मनाता

करते कुर्बान पूरी जिंदगी उस पर
काश कोई तो प्यार लुटाती हम पर
कहने से पहले ही समझ जाती

इन्हे भी पढ़े - शायरी नाउ.इनbestnow.in

Love Poetry In Hindi 

एक गलफहमी सी होने लगी थी,
हवाएं मानो मेरी उम्मीदें ढोने लगी थी,
ये बदलता मौसम था  मुझमे होना,
यह मोहब्बत था या दिल का मेरा अहकना,
जब प्यासी धरती को आकाश में उमड़ते बादलो से आस होने लगी थी,
वही मै उसके इरादों में महफूज होने लगी थी,
वह था बड़ा ही खुशगवार लम्हा,
इश्क़ हम दोनों को हुआ हैं,
तब ये गलफहमी सी होने लगी थी,

वह लिखता था नाम मेरे, मैं उसको गाने लगी थी,
मतलब में था वो शायद, मै उसकी होने लगी थी,
वो दुनिया से लड़ने में लगा था, मैं सपने सजाने लगी थी,
बड़ी मासूम थी उन दिनों मैं,
उसके वायदों को जिंदगी समझने लगी थी,
वो दिल में बस रहा था और मैं खुद से दूर होने लगी थी। 
मिल जायेंगे एक रोज हम,
तब ये ग़लतफहमी सी होने लगी थी. 


Poem On Love In Hindi 

मुझे अपने हर दर्द का हिस्सेदार बना लो 
दिल में नहीं तो ख्वाबो में ही बसा लो,
यादो में नही तो अपनी ख्यालो में ही बसा लो,
अपना एक सच्चा अहसास बना लो। 

कुछ इस तरह मुझे अपने में मिला लो,
की अपने हृदय की धड़कन बना लो,
छुपा लो सारी दुनिया से मुझे ऐसे,
की अपना गहरा राज बना लो,

कर लो मुझसे इश्क़ इतनी, 
की अपनी हर चाहत का अंजाम बना लो,
ढक लो मुझे अपनी जुल्फों से इस कदर,
की मुझे अपना सारा संसार बना लो,

बन जाऊ मै भंवरा आप फूल बन जाओ,
बन जाऊ मैं चाँद आप मेरी चाँदनी जाओ,
रख दो अपना हाथ मेरे हाथ में इस तरह,
की मुझे अपने जीवन का हमसफ़र बना लो...


Love Poetry In Hindi
Love Poetry In Hindi

Poem On Love In Hindi उम्मीदें रह गयी अधूरी

उम्मीदें रह गयी अधूरी
दिल की हसरत नही हुई पूरी
Poem On Love In Hindi

दर्द मिला बिहासाब हमे
जर्रे-जर्रे ने जो भी कहा
उसने कहा आँखों देखी

देखा उसने तकिया पकड़ सिसकना मेरा
गली-गली तेरे ही खोज में भटकना मेरा
लोगो के जुबान पर चर्चा तेरा-मेरा

तरसता रहा मैं तेरे ऐसे
सावन तरसे जैसे बरसात बिना
बादलो का मिलना मिलकर बिछड़ना

पानी का बरसना फिर बून्द बून्द का
न जाने कहा खो जाना
Poem On Love In Hindi

थी तू बसंत ऋतू समान मेरे जीवन में
बीत गयी तू भी हर कहानी की तरह

मिलने की हसरत थी तुझसे ऐसे
सागर में जा मिले नदी का पानी जैसे

रहता हूँ खोया तेरी ही यादो में मैं
पूरा होने के लिए दुआ माँगता हूँ मैं
पल-पल रास्ता तेरा तकता रहा मैं

उम्मीद ही था अंतिम सहारा
अब तो उम्मीदें भी रह गयी अधूरी

कसक उठती है जब भी दिल मे
इस मीठे दर्द को बहला लेता हूँ मैं

किया मैंने कितना जतन तेरे लिए
पूरी कहानी सुना सकता हूँ मैं।

हूँ बेचैन इस कदर मैं तेरे बिना
रह गया हो जैसे चाँद, चांदनी बिना

चाहत थी कि इतने करीब आ जायँगे
बीच की सारी दूरियाँ मिलके मिटायेंगे।

पर हुआ वही जो होता आया है
इश्क़ में हीर राँझा का मिलन
ना कभी हो पाया हैं।

तुझमे हीर को देखा था मैंने
खुद में राँझा को पाया था
मैंने वफ़ा निभाई बदले में
बेवफाई को ही पाया था।

जमाना था दुश्मन इश्क़ का हर बारी
इश्क़ करने वाले ही दुश्मन बने है पहली बारी

अब तो उम्मीदें भी रह गयी अधूरी
हसरत ही थी ऐसी की कभी नही हुई पूरी



Poem On Love In Hindi
Poem On Love In Hindi 


प्रेम पर कुछ हिंदी कविता

लिखता रहूं तुझे मै जीवन भर
मैं लेखक तो लेखनी तुम बन जाओ

हो अंतर बस इतना की
मैं कलम तो तुम स्याही प्रिये

लिखूं चाहे जो भी मैं
मेरे शब्दों के अर्थ बन जाओ
प्रेम पर कुछ बेहतरीन हिंदी कविता

मेरा तुम्हारा कारवाँ बस ऐसे ही चलता रहे
शब्दों को जन्म देने के लिए सदियों से कलम चली हो जैसे

सुख-दुःख लाभ-हानि, जय-पराजय सबमें समानता तुमने बताया हैं प्रिय
तेरे प्रेम ने ही वैरागी हमे बनाया हैं,

लेखक पीछे छूट गया उसकी जगह
खुद में अब प्रेमी को पाया हैं मैंने

मिल जाये जो साथ तुम्हारा
लिखेंगे हम भी अपनी प्रेम गाथा

शब्दों को जोड़-जोड़ अपनी कहानी बनायेंगे,
शब्दों को कुछ इस तरह सजांयेंगे की,
प्रेम ग्रन्थ में सबसे पहले अपनी प्रेम कहानी को पाएंगे।


Love Poem In Hindi

जिनके लिए हम जागते हैं
वो चैन की आहे भरते हैं,
Love Poem In Hindi

जिनके लिए हम सिसकते हैं
वो किसी और के साथ हसते हैं

रहते हैं वो मस्त अपने प्यार में
उनको कहा फुर्सत हैं गैरो के लिए

कभी होते थे सबसे नजदीक हम
आज उनके लिए गैरों में गिने जाते हैं;

जिनके लिए हम सिससकते हैं
वो किसी और के साथ हँसते हैं.

करते रहते हैं हम जिनका इन्तजार
वो नहीं हुवे वापस आने को तैयार

रात भर तकिये से लिपट आहे भरते रहे
वो किसी और साथ हँसते रहे.

रह गया मैं प्यासा बिच नदी में खड़ा
सामने थे तुम लेकिन थे कितने दूर

तड़पता रहा मैं, फिर रहा हूँ मरा-मरा
न जाने कब उतरेगा तेरा ये शुरुर

जिनके लिए हम सिसकते रहे हैं
वो किसी और की बाहो में हँसते हैं.

सँवारेंगे मुहब्बत से, वफ़ा की दर-दीवारों को

सदा देंगे मुहब्बत से, फलक के चाँद तारो को

हमारा दिल बहारो में नये गुलशन सजा लेगा
इन्ही खारो को अपनी खाकसारी ही ला देगा

बसा देंगे मुहब्बत से, कली के संग कहारों
को सदा दंगे मुहब्बत से, फलक के चाँद-तारो को

मुकद्दर साथ जो दे दे, मुकम्मल रौशनी होगी
उम्मीदों के समंदर में इबादत की जमीं होगी

मना लेंगे मुहब्बत से, उन उफनते किनारों को
सदा देंगे मुहब्बत से, फलक के चाँद-तारो को

ए हमदम हाथ दे देना, निकलना हैं तुफानो से
तुम्ही से हैं सुकून दिल का, निकलना हैं विरानो से

मिटा देंगे मुहब्बत से, दिलों की हम दरारों को
सदा देंगे मुहब्बत से, फलक के चाँद-तारों को

सँवारेंगे मुहब्बत से, वफ़ा की दर-दीवारों को
सदा देंगे मुहब्बत से, फलक के चाँद-तारों को।


प्रेम पर कुछ बेहतरीन हिंदी कविता
प्रेम पर कुछ बेहतरीन हिंदी कविता


कुछ दबी हुई ख्वाहिशें हैं ,कुछ मंद मुस्कराहटें 
कुछ खोये हुए सपने हैं तो कुछ अनसुनी आहटें,  


कुछ दर्द भरे लम्हे हैं कुछ सुकून भरे लम्हात 

कुछ थमे हुवे तूफ़ान हैं तो कुछ मद्धम बरसात,

कुछ अनकहे अल्फाज हैं  कुछ नासमझ इशारे 

कुछ ऐसे मझधार हैं जिनके मिलते नहीं किनारे, 


कुछ उलझने हैं राहो में कुछ कोशिशे हैं बेहिसाब 


इसी का नाम जिंदगी हैं. 

Love Poem In Hindi

मैंने कहा वो अजनबी हैं दिल ने कहा ये लगी हैं,
मैंने कहा वो दूजा हैं दिल ने कहा फिर भी अपना हैं,

मैंने कहा वो दो पल की मुलाकात हैं दिल ने कहा
जो दो पल में पूरी जिन्दगी जी ले यही तो प्यार हैं,

मैंने कहा वो मेरी भूल हैं दिल ने कहा फिर भी कबुल हैं,
मैंने कहा वो मेरी हार हैं दिल ने कहा यही तो प्यार हैं.


मै पथिक तो वो थी पीपल की छाया
मैं प्यासा तो वो तृप्त करती मेरी काया
तजते नहीं तजता उसका मोह-माया
क्या करूँ अब तू ही बता
एक वो ही तो थी जिसके सिवा न कोई दूजा भाया

करता रहता हूँ मै इन्तजार उसका वापस आने का
दुआ करता रहता हूँ मैं उससे फिर से गले लगाने का
Love Poem In Hindi;

हो सके तो लौट आना 

हो सके तो लौट आना की जान जाती हैं 
हो सके लौट आना तक अभी तक उलझने बाकी हैं;

हो सके तो लौट आना तुम्हारा इन्तजार आज भी वैसा हैं 
हो सके तो लौट आना की ये घबराहट आज भी हैं,

हो सके तो लौट आना की साँसे अब नहीं आती हैं, 
हो सके तो लौट आना की बेकरारी आज भी बाकी हैं; 

हो सके तो लौट आना ये प्यार तुम्हारे लिए आज भी  बाकी हैं.
हो सके..........

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